हमीरपुर: बीजेपी की पंचायती चुनावों में उजागर हुई बौखलाहट बता रही है कि बीजेपी के दिन अब गिनती के बचे हैं यह बात प्रदेश पंचायती राज चुनाव प्रभारी एवं सुजानपुर के विधायक राजेन्द्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है राणा ने आरोप लगाया कि पंचायती राज चुनावों में बीजेपी ने जिस तरह धनबल, छल, सत्ताबल के दम पर हर घटिया हथकंडा अपना कर जनादेश हथियाने का प्रयास किया है उससे स्पष्ट है कि बीजेपी की सरकार अब प्रदेश से जाने वाली है व कांग्रेस की सरकार आने बाली है l

प्रदेश भर से मिली जानकारी बता रही है कि प्रदेश में कई स्थानों पर सरकारी सिस्टम व मशीनरी का दुरूपयोग करके बीजेपी ने जनादेश को गुंडई अंदाज में हथियाने की मंशा से चुनावी सिस्टम व प्रशासन पर लगातार बनाया गया दबाव कई स्थानों पर मतों की गिनती में हेरा फेरी का प्रयास किया गया तो कई जगह पोलिंग पार्टियों व प्रशासन पर नतीजो को प्रभावित करने के लिये भारी दबाब बनाया गया।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया की मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटवा कर उन्हें चुनाव से ही बाहर करने की हरकत की है । कई स्थानों पर मतों के बंडल अन्य वार्ड के मतों में दिखा कर जीते उम्मीदवारों को हराने के प्रयास किये गए l

राणा ने कहा कि जनता ने साफ तौर पर जाना है कि सत्ता की नशे में बौखलाई बीजेपी सत्ता के लिए किसी भी स्तर पर जा सकती है उन्होंने कहा कि बीजेपी में अब न कोई सिद्धान्त बचा है न कोई संबिधान बचा है l राणा ने कहा कि बीजेपी के सत्ता दबाब झेल चुकी कई पोलिंग पार्टियों के कर्मचारियों व अधिकारियों ने आप बीती सुनाते हुए कहा कि सत्ता की गुंडागर्दी अगर भविष्य में यूं ही चली रही तो आने बाले समय मे निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को भारी परेशानी हो सकती है l

राणा ने कहा कि सत्ता के नशे में तड़प रही बीजेपी ने चुनाव में गुंडागर्दी को बढ़ावा दे कर लोकतंत्र के लिए नया खतरा खड़ा किया है l उन्होंने कहा कि बीजेपी की ऐसी हरकतें बता रही हैं कि अब इस सरकार के दिन गिनती के बचे है।

निपक्ष चुनाव लोकतंत्र की सही व सच्ची पहचान होती व सरकारों का राजधर्म है लेकिन बीजेपी अब सत्ता के लिए राज धर्म का हनन कर रही है जनता से उसका लोकतांत्रिक हक छीन रही है।

Previous articleHimachal Pradesh Celebrates its 50 Years of Statehood
Next articlePrime Minister Modi greets Himachal Pradesh on its Statehood Day
Rahul Bhandari is Editor of TheNewsHimachal and has been part of the digital world for last 15 years.