आदर्श पंचायत बनने की और अग्रसर निर्मल ग्राम पंचायत नाहरी

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सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान मे निभा रही है महत्वपूर्ण भूमिका

विकास खंड धर्मपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नाहरी अपनी सथापना के दो दशकों के भीतर ही स्वावलंबी, विकासशील और आदर्श पंचायत बनने की और अग्रसर है। 1992 मे बनी पंचायत उससे पहले कोटबेजा पंचायत का हिस्सा थी। 24 फरवरी 1992 को पहली बार पंचायत का गठन हुआ था, और इछाराम शर्मा पहले प्रधान व प्रेमदत शर्मा उप-प्रधान बने थे। मौजूदा समय मे पांचवी पंचायत का गठन 23 जनवरी 2011 को हुआ जिसमे कुसुम गुप्ता प्रधान और मनमोहन वशिष्ठ उप-प्रधान बने। पंचायत प्रतिनिधि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्यानात्म्क और विकासात्मक योजनाओ का क्रियान्वन कर ग्रामीण विकास मे अहम भूमिका निभा रहे हैं।

2008 मे हो चुकी है निर्मल

जंहा प्रदेश की 3243 पंचायतों मे सरकार द्वारा सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत स्वच्छता की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और प्रदेश की सभी पंचायतों को बाहय शौच मुक्त करने पर जोर दिया जा रहा है। जबकि नहरी पंचायत सम्पूर्ण बाहय शौच मुक्त होकर 2008 मे ही निर्मल पंचायत का पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है।

विकास कार्यों को मिल रही गति

पंचायत के प्रत्येक वार्डों मे विकास कार्यों को गति देने पर पंचायत प्रतिनिधि प्रयासरत है। लाखों के कार्य किये जा चुके है जबकि 3 वर्षों मे और कामों को करने के लिए पंचायत लगी हुई है। पंचायत का मशोबरा गाँव आदर्श गाँव बनेगा। जिसके लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित कर उसकी प्रक्रिया जारी है।