विकलांग छात्रवृति योजना का आधार, शिक्षा का सपना हुआ साकार

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विकलांग व्यकित शैक्षिणक योग्यता के अभाव में अपने व्यकितत्व का निर्माण व कौशल विकास तथा आर्थिक उनिनत से वचिंत न रह पाए इस उददेश्य की पूर्ति विकलांग छात्रवृति योजना कर रही है । जिला शिमला में इस वर्ग की छात्र-छात्राओं को शिक्षा गृहण करने के लिए इस योजना के तहत प्रोत्सहान मिल रहा है । इस वर्ग के छात्र व छात्राएं शैक्षिणक लाभ प्राप्त कर समाज की मुख्य धारा में अपनी भूमिका निर्वाहण करने के लिए सक्षम हो रहे है ।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक मामले हि.प्र. के माध्यम से ऐसे विकलांग छात्र छात्राएं जो शिक्षा ग्रहण कर रहे हो, जिनकी विकलांगता 40 प्रतिशत या इससे अधिक चिकित्सा बोर्ड द्वारा आंकी गर्इ हो, तथा माता-पिता संरक्षक की मासिक आय 5000- रू से अधिक न हो, को विकलांग छात्रवृति योजना के अन्र्तगत शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में छात्रवृति प्रदान की जा रही है ।

वर्ष 2013-14 में जिला शिमला में इस योजना के लिए 8 लाख 61 हतार रू. का बजट में प्रावधान रखा गया है ताकि इस वर्ग के छात्र छात्राओं का चयन कर उन्हें लाभानिवत किया जा सके । माह नवम्बर 2013 तक इस कार्यक्रम के अन्र्तगत 8 लाख 33 हजार 392 रू. की राशि व्यय कर 162 विकलांग छात्र छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा प्रदान कर लाभानिवत किया गया है ।

पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृति उपलब्ध करवाने की मासिक दरों के तहत पहली से पांचवी तक 350 रू दिवस छात्रों को और 1000 रू. छात्रावास में रह रहे छात्रों को , छठी से आठवी तक 400, और 1000 रू. छात्रावास में रह रहे छात्रों नवीं से दसवीं तक 450 रू., 1000 रू. छात्रावास में रह रहे छात्रों, 10 जमा 1 तथा जमा 2 तक 500, छात्रावास में रह रहे छात्रों को 1500 रू., बीए., बी काम तथा बीएस सी तक 550 रू, छात्रावास में रह रहे छात्रों को 2000 रू., बी.ई/ बीटैक/एमबीबीएस/बीएड तक 650 रू. छात्रावास में रह रहे छात्रों को 2000 रूतथा एम.ए. एमएससी एम काम एल.एल.बी. तक के छात्रों को 750 रू छात्रावास में रह रहे छात्रों को 2000 रू की राशि दी जाती है ।

अधिक से अधिक विकलांग व्यकित इस योजना का लाभ उठाने का प्रयास करें ताकि शिक्षा व ज्ञान जैसे बहुमूल्य आचरण को आत्मसात कर इस वर्ग के व्यकित अपनी सकि्रय भागीदारी सामाजिक दायित्व में निभाने में सक्षम हो सके ।

पात्र छात्र को निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन सम्बनिधत पाठशाला संस्थासन के माध्यम से जिला कल्याण अधिकारी, तहसील अधिकारी को आय प्रमाण पत्र, विकलांगता प्रमाण पत्र, हिमाचल प्रमाण पत्र सहित भिजवा सकते हे ।