रविन्द्र रवि देहरा अस्पताल के नाम पर लोगों को गुमराह करके राजनैतिक स्वार्थ सिद्ध कर रहे है: सुधीर शर्मा

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शहरी विकास, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने भाजपा नेता रविन्द्र रवि पर आरोप लगाया है की वह देहरा अस्पताल के नाम पर लोगों को गुमराह करके अपना राजनैतिक स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैंl शर्मा ने कहा की कांग्रेस सरकार ने देहरा अस्पताल का दर्जा कम नहीं किया है और न ही इस सम्बन्ध में सरकार ने कोई अधिसूचना जारी की हैl

शहरी विकास मंत्री ने कहा की रविन्द्र रवि जब भाजपा सरकार में मंत्री पद पर आसीन थे, तो उनको बालकरूपी के लिये अलग से लोक निर्माण का डिवीज़न स्वीकृत करवाना चाहिए था। जबकि इन्होंने टाण्डा डिवीज़न को उठा कर बालकरूपी पहुंचाकर इस क्षेत्र के लोगों के साथ कुठाराघात के अतिरिक्त कांगड़ा के लोगों के साथ भेदभाव एवं अन्यायपूर्ण कार्य किया थाl

शहरी विकास एवं आवास मंत्री सुधीर शर्मा ने रवि के उस व्यान को भी आड़े हातो लिया है जिसमे उन्होंने पांग डैम विस्थापितों के लिए आन्दोलन करने की बात कही थीl उन्होंने आरोप लगाया की पांच साल तक जब मंत्री सुख भोगा तो विस्थापितों की याद नहीं आई, लेकिन अब विपक्ष में बैठते ही मुद्ददे नजर आने लगे हैं। सुधीर शर्मा ने कहा है कि प्रदेश वासियों के लिए लाई जानी वाली नई योजनाओं की घोषणाओं से भाजपा सकते में है। पांच साल सत्ता में रहने पर जब कुछ नहीं कर पाए तो अब विरोध जताकर राजनीति चमकाना चाहते हैं।

सुधीर शर्मा ने आगे कहा की रविन्द्र रवि का कांगड़ा के साथ किये जा रहे भेदभाव का बयान तथ्यों से परे हैl कांगड़ा जिला की जनता भली भांति जानती है की आज तक जो भी विकास संभव हुआ है, वह कांग्रेस एवं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की देन है, जिन्होंने क्षेत्रवाद, ऊपर-नीचे का हिमाचल, जातिवाद इत्यादि संकीर्ण मानसिकता को दरकिनार करके पूरे प्रदेश का हमेशा समान एवं संतुलित विकास किया हैl

शहरी विकास, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने सोशल नेटवर्किंग साईट के माध्यम से रविन्द्र रवि से पूछा है कि पूर्व भाजपा सरकार के दौरान कांगड़ा जिला के उन्होंने क्या विकास करवाया है और कौन सी बड़ी परियोजनाएं उनके कार्यकाल में कांगड़ा को स्वीकृत की गई हैं। सुधीर शर्मा ने वयंग्य कसते हुआ कहा की भाजपा सरकार के कार्यकाल में कांगड़ा के भाजपा के विधायक ही अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे थे, जिसकी वजह से कांगड़ा की जनता ने भाजपा को बाहर का रास्ता दिखायाl

सुधीर शर्मा ने कहा की वीरभद्र सिंह जब 2003 से 2007 तक मुख्यमंत्री रहे, उस दौरान उन्होंने केन्द्र की यूपीए सरकार से कांगड़ा में केन्द्रीय विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय फैशन तकनीकी संस्थान खोलने के लिये मामला प्रभावी ढंग से उठाकर इसे स्वीकृत करवाया । इसके अलावा फूड एण्ड क्राफ्ट संस्थान स्थापित करने तथा टाण्डा मैडिकल कालेज को सुपरस्पैशिएलिटी अस्पताल बनाने के लिये भी यूपीए सरकार से वीरभद्र सिंह ने केन्द्रीय मंत्री रहते हुए उदारता से धन उपलब्ध करवाया। यही नहीं टाण्डा मैडिकल कालेज भी कांग्रेस की देन है, जब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 1997 में इसकी स्थापना की गई थी, ताकि प्रदेश के निचले क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंl