लोगों का आयुर्वेदा पद्धति से ईलाज करवाने में रूझान बढ़ा

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हमीरपुर 29 मई: जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय, हमीरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को सृदुढ़ करने के दृष्टिगत वर्ष-2013-14 के लिए रोगी कल्याण समिति के माध्यम से 20 लाख की राशि व्यय की जाएगी ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। यह जानकारी उपायुक्त आशीष सिंहमार ने आज हमीर भवन में जिला आयुर्वेदिक की रोगी कल्याण समिति शासकीय निकाय की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार आयुर्वेदा में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है तथा इसी के दृष्टिगत आयुर्वेद विभाग में भी रोगी कल्याण समितियों के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों को कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों का आयुर्वेदा पद्धति से उपचार करवाने में रूझान बढ़ा है। उन्होंने बताया कि जिला आयुवैदिक अस्पताल में रोगियों की सुविधा हेतू पंचकर्मा एवं क्वाथशाला का कार्य शुरू किया है तथा गत वर्ष पंचकर्मा पद्धति से 149 रोगियों को गुणात्मक लाभ हुआ तथा विभाग द्वारा नि:शुल्क आयुर्वैदिक कैम्पों का आयोजन करके रोगियों को नि:शुल्क निदान व दवाईयां उपलब्ध करवाई गईं।

आशीष सिंहमान ने जानकारी देते हुए कहा कि गत वर्ष जिला आयुर्वेदा अस्पताल, हमीरपुर में शल्य कर्म एवं क्षारसूत्र की सुविधा के साथ-साथ अर्श, भगन्दर, परिकर्तिका, हरणीयां की शल्य कर्म की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई । उन्होंने बताया कि गत वित्त वर्ष में क्षार सूत्र द्वारा 159 रोगियों को शल्य कर्म की सुविधा से लाभान्वित किया गया । इसके अतिरिक्त जिला आयुवैदिक अस्पताल में लघु शल्य कर्म की सुविधा भी उपलब्ध है।

इससे पहले जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा0 राजेन्द्र प्रसाद अग्रिहोत्री ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए रोगी कल्याण समिति के माध्यम से चल रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी प्रदान की । उन्होंने बताया कि रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी के बैठकें समय-समय पर की जारही है तथा सभा सदस्य द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार रोगी कल्याण समिति विभिन्न मुद्धों पर समिति के संविधान के अनुरूप कार्य कर रही है।

बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी हिमांशु शेखर चौधरी, डॉ केसी चोपड़ा, परियोजना अधिकारी राकेश शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।