शिमला /उदयपुर : 400 MW मोजर बाएर शेली प्रोजेक्ट के साईट से जून 2012 में विवादास्पद रूप से गुम मडग्राम गांव के शेर दास के केस में उच्च न्यायालय ने 24 मई 2013 को नोटिस करते हुए गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक(DGP), उपायुक्त लाहौल स्पीती , पुलिस अधीक्षक लाहौल स्पीती और एस एच ओ(SHO) उदयपुर से चार हफ्ते में जबाब तलब किया था।

युवक के पिता ने इस केस को हिमाचल प्रदेश पुलिस से सी बी आई को ट्रांस्फर करने का आग्रह किया है क्युकी पुलिस ने F.I.R. तक दर्ज नहीं किया था और सिर्फ D.D.R. दर्ज किया है।

डी सी लाहौल स्पीती ने उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर जबाब दिया है और कहा है की कम्पनी ने लेबर कानून का पालन नहीं किया था जिसके लिए लेबर इन्स्पेक्टर कुल्लू से जबाब माँगा था और लेबर इन्स्पेक्टर कुल्लू ने कंपनी के खिलाफ केस किया है जो जुडिशल कोर्ट में विचाराधीन है।

डी सी लाहौल स्पीती बीर सिंह ने उच्च न्यायालय से मोजर बाएर और इसके तत्कालीन ठेकेदार को भी पार्टी बनाने का आग्रह किया है।

याचिकाकर्ता के वकील सुदर्शन ठाकुर ने कहा है की हमने कोर्ट से आग्रह किया है की इस केस को हिमाचल पुलिस से सी बी आई (C.B.I) को ट्रांस्फर किया जाये क्युकी निष्पक्ष जांच के लिए स्थानीय पुलिस पर हमें कोई विश्वास नहीं है। केस की सुनवाई अगले हफ्ते है।

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